सितम्बर २०१० में दो दिन अशुभ ज्वालामुखी योग
मित्रो और जातको जैश्रीकृष्ण
क्या आप जानते है की अशुभ ज्वालामुखी योग भी ज्योतिष में होता है। आप जब भी कोई शुभ कार्य करने जाते है तब पंडित से शुभ योग के बारे में पूछते है तब पंडित पंचांग देख कर कार्य सिध्द्ध योग अमृत योग रवि योग और त्रिपुष्कर योग आदि के बारे में बता कर कार्य करने की सलाह देता है । लेकिन एक अशुभ ज्वालामुखी योग भी होता है जो माह में नक्षत्रो के हिसाब से एक बार आता है लेकिन इस बार सितम्बर २०१० मई यह लगातार एक और दो तारीखों पर आया है ।
एक सितम्बर को यह प्रातः १०.५० बजे से दोपहर १.१८ बजे तक तथा २ सितम्बर को यह सुबह १०.४२ से दोपहर १.४६ बजे तक रहेगा। इस समय कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है क्योकि इस पर असफलता का अंदेशा बना रहता है। जहांतक हो इस काल को टाला जाना चहिये।
अनुभव में आया है की जिस प्रकार रहू काल और अशुभ चोघाडिया को टला जाता है लोग अशुभ ज्वालामुखी योग को नजर अंदाज करते है जो अमंगलकारी होता है ।
मणिकांत जोशी
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